खिचड़ी खा खाकर ऊब गए हैं, हमें राशन दे दीजिए, हम खुद बनाकर खा लेंगे
सेक्टर-12 स्थित कोरोना कंट्रोल रूम में अब जरूरतमंदों की नई-नई फरमाइश आने लगी है। अब वह फोन कर कच्चे राशन की मांग करने लगे हैं। उनका कहना है रोज खिचड़ी खा खाकर ऊब चुके हैं। हमें राशन दे दीजिए। हम खुद बनाकर खा लेंगे। शनिवार को ऐसी करीब 350 से अधिक कॉल आईं। ऐसा इसलिए हो रहा है कि कई बार खाना पहुंचने में देर हो जाती है। या फिर कहीं केवल एक बार ही भोजन मिल पा रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि वह हर रोज अलग-अलग प्रकार का खाना जरूरतमंदों के पास भिजवा रहे हैं। वे लोग कच्चे राशन की मांग क्यों कर रहे हैं। यह समझ से परे है।
रोज-रोज खिचड़ी खाकर ऊब चुके हैं
फोन करने वाले अधिकांश लोगों का कहना है कि वह रोज-रोज खिचड़ी खाकर ऊब चुके हैं। इसलिए अब हमें पका हुआ भोजन नहीं चाहिए। फोन करने वालों का कहना है कि आप हमें पका भोजन देने के बजाय कच्चा राशन उपलब्ध करा दीजिए। हम घर में अपने हिसाब से बना लेंगे। क्योंकि घर में बच्चे एक ही प्रकार का खाना खाने को तैयार नहीं हैं। उधर प्रशासन का कहना है कि कई लोगों को कच्चा राशन उपलब्ध कराया गया है। इसलिए उन्हें देख देखकर लोग अब कच्चे राशन की मांग करने लगे हैं।
खाना समय पर न पहुंचने की भी शिकायत
कंट्रोल रूम में कई ऐसे लोगों ने भी फोन किया कि उनके यहां खाना समय पर नहीं पहुंचता। यदि दिन में खाना मिल जाता है तो रात में नहीं मिलता। ऐसे में यदि हमारे पास कच्चा राशन रहेगा तो हम बनाकर खा लेंगे। कइयों का तो यहां तक कहना है कि घर में बच्चों को लेकर चार लोग रहते हैं और खाना मिल रहा है सिर्फ दो लोगों का। ऐसे में पेट कैसे भरेगा। इस तरह की कॉल से अब प्रशासन भी पसोपेश में है कि ऐसे लोगों को पका भोजन दिया जाए या फिर कच्चा राशन। फिलहाल अभी इस पर फैसला नहीं हो पाया है। प्रशासन लोगों को वार्ड इंचार्ज के माध्यम से पका भोजन ही उपलब्ध करा रहा है।
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